इतिहास लेखन का कार्य:-
इतिहास लेखन में हेरोडोटस ,थुसीदीदेस ,आँगस्टन इत्यादि इतिहासकारों की भूमिका बृहद पैमाने पर रही है। इतिहास में सबसे बड़ी भूमिका हेरोडोटस का रहा है इनकी लेखन कला की अवधि 484 से 425 तक रहा है इनका जन्म एशिया माइनर के बस्ती में हुआ था यह ऐंथस के प्रति गहरी श्रद्धा व लगाओ रखा और अधिकांश इतिहास की जानकारियां ऐथस को समर्पित किया ।जबकि थूसीदीदेस ने 460 से 400 तक इतिहास लेखन की बड़ी संबंध रखा हैं यह पेलोपॉन्नेशियन युद्ध के समय "जनरल अधिकारी" था यह युद्ध एंथस और स्पार्टा के बीच हुआ जो लगभग 30 वर्षों तक चला युद्ध में जनरल के पद पर था यह असफल रहा था लेकिन युद्ध को अपनी आंखों से देखा और उसे अपने तरीके से लेखन कला में शामिल किया हेरोडोटस और थुसीदीदेस कि लेखन लगातार एंथस को केंद्र बिंदु में रखकर लिखा और क्लासिकल दौर पर व्यक्त किया।
थुसीदीदेश की इतिहास लेखन में सबसे अधिक सैनिक गतिविधियों पर केंद्रित है क्योंकि वह सेना के पद पर था। हेरोडोटस समस्त छात्रों के साथ विश्व के अन्य क्षेत्रों तक घूम कर अपनी आंखों से देख कर उसे अपने लेखन कला में शामिल किया। रोमन साम्राज्य में इतिहास लेखन की बेजोड़ संस्था थी जिसमें यूरोप, एशिया और अफ्रीका तीनों महादेश में फैली हुई थी रोमन साम्राज्य संस्था पांचवी शताब्दी तक बनी रहे इसी विशिष्ट शासकों के अधिकारियों के लिए जाना जाता है इनकी सदस्यता काफी लचीली थी और इतिहास लेखन के प्रति भी गहरी रुचि थी।
इतिहास लेखन मे लीवी की विचार:-
लिवी रोमन इतिहास की सबसे बड़ी हस्ती था यह आँगस्टस के समकालीन था रोमन के अत्यंत पसंद इतिहास लिखा इस ग्रंथ के अधिकांश लिपि का भाग नष्ट हो गया या कुछ बचे वृतांत को 9 वीं शताब्दी में तक इसे समाहित किया गया श।लिवि की लेखन कला काफी सुंदर भाव थी जिसमें लोगों की जीवन की झलकियां और उनसे घटी घटनाओं को वृहद तरीके से समाहित किया गया था।
इतिहास लेखन में टैसिटस की भूमिका :-
यह एक जाना माना वक्ता था इनके लेखन कला में रोमन के 50 वर्षों का वर्णन हैं। इनकी विशेषता थी कि वह भीतरी व्यक्ति होते हुए साम्राज्यवादी नीतियों तथा षंडयंत्रों पर उनका नीति रवैया अक्सर आलोचनात्मक होता था रोमन सम्राट वर्ग किसी भी हालत में एकरूपता नहीं थी यानी इनकी लेखन कला में सामाजिक उच्च-नीच और असमानता को दर्शाता है।
इतिहास लेखन का उद्देश्य:-
इतिहास लेखन एक कलात्मक इकाई है। हेरोडोटस इतिहास लेखन को बेहद रोचक और चिंतामन विचार प्रस्तुत करता है इनकी बातों को युद्ध के साथियों तौर पर रखना पड़ता है हेरोडोटस की लेखन मे इतिहास के साक्ष्यो के आधार पर प्रस्तुत किया गया है लेखन में बर्बर लोगों महान लोगों के अद्भुत कार्यों को उनकी महिमा की कार्यों से जोड़ा गया है।
इतिहास का वर्णन:-
जो घटना सर्वोत्तम है उनकी चर्चा करना उसे समाहित करना रोम की घटनाओं में युद्ध को नगरों मे राज्य ,राजाओं की गिरफ्तारियां ,अभिजात वर्गों की घटनाओं का उल्लेख है लीवी के तर्क है इतिहास का वर्णन को लाभप्रद और हितकर बताता है वही सभी को देखने व समझने से हमारे पास मानवी अनुभव आसन के रूप में दर्ज होते हैं। टैसिटस लेखन में रोम क्रांति के बाद कुछ भी नहीं रहा केवल निरंकुश राज रहा लेखन मे सेनापतियों, मुकदमा ,विश्वसनीय ,मित्रता, निर्दोष लोगों की तबाही का वर्णन करता है इनकी अधिकांश से काल्पनिक अधिक हैं इनकी कथाओं में "फिनिक्स नाम" के पक्षी पर आधारित है उनकी संक्षिप्त व्यक्तिगत में व्यक्त किया गया है। फिनिक्स- यह पक्षी था जिसे फिनीक्स कहा जाता है जो मिस्र में लंबी अवधि में प्रवेश हुआ। विद्वानों में प्रचुर ज्ञान था 500 वर्षों तक कायम रहा लेकिन प्राचीनतम निस्संदेह है और इनकी महत्व धुंधली होती चली गई।
इतिहास लेखन के ऐतिहासिक स्रोत:-
धार्मिक स्रोतों में अभिलेखों परंपराएं दिव्य काव्य का समावेश है। हेरोडोटस आपने भ्रमण से प्राप्त जानकारियों को व्यक्त करता है इन्होंने मेसोपोटामिया की कृषि क्षेत्र की स्थिति का विवरण व्यक्त करता है जो अधिक उपजाऊ भूमि था इस भूमि पर अंजीर ,जैतून अन्य पौधों को उपजाए जाता था 100 से अधिक फसल उगाया जाता था। बेबीलोनिया में उपजाऊ के बारे मे कहा कि वह इन प्रदेश में कभी गया ही नहीं। संविधान निर्माता सोलन के बीच एक लंबी वार्ता का उल्लेख करता हैं। रोम की वार्षिक दस्तावेज लेखकों की परंपरा शामिल है दस्तावेजों को "आनल मकसीमी" कहलाता था ।यह दस्तावेज पादरियों द्वारा संग्रहित और संरक्षित किया जाता था जो इतिहास लेखन में काफी बड़ी योगदान किया।
इतिहास लेखन के स्रोत में टेसिटस शासक के भीतर हैसियत को स्वीकारते हैं लेखन में लिखित और मौखिक स्रोतों को और नियमित संदर्भ मिलते हैं घटनाओं में षड्यंत्र सीनेट की कार्यवाही यों को दर्ज किया गया है जबकि थुसीदीदेस स्रोत में शाही परिवारों के कुचक्र और हत्याओं के बारे में अफवाहों का विश्लेषण करते हुए नकारते हैं विशेष रूप में अमर्यादित अनुमान मात्र समझते हैं।
इतिहास लेखन की शैली:-
इतिहास लेखन की शैली में सबसे कुशल थुसीदीदेस को माना जाता है इनका इतिहास लेखन में सजीव विवरण प्रस्तुत करते हैं। ऐथंस की युद्ध को दूसरे वर्ष एंथेस को अपनी चपेट में ले लिया और अंधकार में और दुर्गंध युक्त सांस आने लगी थी जब देश में शांति और समृद्धि होती है तो मनोभाव अच्छा रहता है युद्ध होता है तो जरूरतों की सहज आपूर्ति को छीन लेता है मानव की दैनिक क्रियाओं बिछड़ जाता है। इतिहास लेखन की भाषा शैली में फिनाले बेहद रोचक बताते हैं एवं सम्मोहन हिस्सा बताते हैं भाषाओं को युद्ध के पहले दिया गया भाषाओं को स्मृति में रखना कठिन कार्य था फिर भी व्यक्तियों को रखा गया।युनान कोरिन्थयन समूह हैं जो एंथस वासियों को विरुद्ध समर्थन जताते की कोशिश की थी लिवि की लेखन शैली में इनकी विशेषता है आम लोगों और सेनाओं के बीच युद्ध का विवरण दिया गया है शहर के युद्ध और निश्चित कि हिंसा लोगों से भयभीत हो रहा था।।
इतिहास लेखन की ऐतिहासिक घटनाओं को समझना:-
घटनाओं की व्याख्या महत्वपूर्ण है व्यक्ति की भी आपने इतिहास होती है जबकि इतिहास में इतिहास ए घटनाओं को शामिल किया जाता है हेरोडोटस की वक्तव्य मे अधिक झुकाव शहर था। पहले महान और महत्वहीन हुआ शहर उत्थान और पतन की अभिक्रिया है इन कीमत में यदि राष्ट्र पर संकट आती है तो पहले ही चेतावनी मिल जाती है ।फारसी राजा जेरेक्स का मत है इनकी सेन यूनान की जाते समय अद्भुत दृश्य देखा था जो एक घोड़ी एक खरगोश के साथ प्रकट हुआ अर्थ यूनान के शान शौकत के साथ प्रवाह हुआ इसके अलावा सिमली में इतना चोटी पर ज्वालामुखी फटने का जिक्र करते हैं जो देवी को और दिव्य आत्मा का वर्णन है लिवि कहता है दिव्य घटना है एपियस नाम है एपियस एक देवता था इनकी क्रोध के चलते शाही परिवारों को नष्ट किया गया जो एक रूप से काल्पनिक रूप से किया गया है ।इन सभी का विशेषण करना अत्यंत आवश्यक है इतिहास एक भारी-भरकम दस्तावेज नहीं है बल्कि परिरक्षण और विश्लेषण करके लिखना ही इनका मुख्य विषय रहा है। प्राचीन बुद्धिमानओं की घटना मे गुरु और शिष्य एक दूसरे के विचार को समावेश किया गया है स्वरण को कोई लेना देना नहीं है। व्यक्ति संभववाद पर विश्वास करता है जबकि बहुत सारा निश्चयवाद को भी मानते हैं। संभववाद दुनिया को बदल देने की अपनी क्षमता के अनुसार बात करते हैं लेकिन निश्चयवाद केवल ईश्वर और भाग के भरोसे में बैठे रहते हैं और वह अपने आप को कोसते रहते हैं जो भी लिखा हुआ है मेरे भाग्य में वही होगा।
युनानी-रोमन इतिहास लेखन एक लंबी अवधि है दोनों देश में अंतर हैं। इतिहासकार लोग मानवता पर अधिक बल दिया है। लेखन कलाओं में दूध में पानी छानने की तरह रहा है। इतिहास लिखने की प्रक्रिया एक जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इतिहास लेखन एक मुश्किल भरी कांटों के रास्ते हैं हेरोडोटस की इतिहास लेखन में आगे दिव्य लेखन को विकसित किया और एक लंबी इतिहास की दीवार खड़ी हुई।
धन्यवाद