26 जनवरी 2022 को भारत देश अपने गणतंत्र दिवस का 73वां सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं ।यह गर्व की बात है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में आज हम 73 साल पार कर रहे हैं जो भारत की एक बड़ी उपलब्धि और विश्व के लिए एक नई दिशा है। भारत देश में राष्ट्रीय तिरंगा झंडा को 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया और इसे राष्ट्रीय तिरंगा ध्वज के नाम से संबोधन किया गया। तिरंगा झंडा में तीन रंग है केसरिया सफेद हरा और इनकी पार्टियों की चौड़ाई 3:2 है। केसरिया देश की आन बान शान और बलिदान का प्रतीक है ।सफेद शांति और सच्चाई और हरा कृषि की हरियाली हैं । तिरंगा झंडा के बीच में गहरे नीले रंग की 24 तिलिया अशोक चक्र है।
आजादी और आजादी इसके सिवा और कुछ भी नहीं गांधी जी के सपने पूरे ही वे 1947 में लेकिन स्वतंत्र भारत की पहली गणतंत्र दिवस जब भारतीय संविधान को लागू किया गया और विदेशी अतिथि के रुप में पहली बार 1950 में भारतीय गणतंत्र मे पहली बार इंडोनेशिया का राष्ट्रपति शुक्रणों को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था लेकिन 2022 में किसी भी देश के मुख्य अतिथि को नहीं बुलाया है क्योंकि इस समय पूरे विश्व में को बिना संक्रमण का दौर है इसके वजह से कोई विशेष अतिथि को आमंत्रित नहीं किया गया है लेकिन परंपरा के अनुसार भारतीय प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराने का कार्यक्रम करेंगे इसके अलावा विभिन्न प्रांतों की राजधानियों में मुख्यमंत्री राष्ट्रीय ध्वज को को बाहर आकर सलामी लेंगे।
भारतीय इतिहास में आजादी की संघर्ष में हम गरीबों से गुजरे हैं भारत के राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी समय-समय पर भारत की आजादी की मांग करती रही है इसके लिए बड़े-बड़े सम्मेलन आयोजन और आंदोलन का भी निर्णय कर रखी है इसे सिलसिलेवार में पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पूर्व मे मनाया गया था भारत में जब ब्रिटिश सरकार के विरोध कर रहे थे तो 26 जनवरी 1930 को लाहौर अधिवेशन में भारत "पूर्ण स्वराज की घोषणा" किया था यही वजह है कि भारत प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। भारत देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ और संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हुआ और इसे 26 जनवरी में जो 1950 को लागू कर दिया गया बीच में 2 सालों का मैं 1935 अधिनियम के तहत ही भारत को शासन किया गया।
गणतंत्र दिवस के विशेष तौर पर भारतीय थल सेना वायु सेना नव सेना की अहम भूमिका होती है और इस समय राष्ट्रपति तीनो सेनाओं की सलामी को ग्रहण करते हैं और भारत देश अपने आप पर गर्व महसूस करते हैं कि विश्व की तीसरी सबसे बड़ी सैनिक व्यवस्था हमारे पास है जिस देश की सैनिक व्यवस्था मजबूत हो वहां देश मजबूत आधारों पर टिकी रहती है भारतीय सेना लाल किले में विभिन्न प्रकार के झांकियों का आयोजन करते हैं इसके अलावा विभिन्न राज्यों के पुलिस बल भी झांकियां में भाग लेकर तरह-तरह के अपने पराक्रम को दिखाते हैं। देश की अपनी वीरता और उनकी प्रसिद्धि को प्रस्तुत करते हैं अतीत वर्तमान और भविष्य की झांकियों से संबंधित भारत की प्रभुत्व कथा को प्रस्तुत करते हैं। आज हम आजादी की जो वस्त्र पहने हुए हैं वह हमारे वीर भारतीय सेनाओं स्वतंत्रता सेनानी सामाजिक कार्यकर्ताओं की देन है जो आज हम आजाद के मस्त हवाओं में घूम रहे हैं। और शांति के माहौल में वर्तमान भारत के लोग रह रहे हैं।
प्रत्येक भारतीयों की अपनी राष्ट्र का प्यार दिल में सजा कर रखे हैं अपनी संस्कृति को सजा के रखे इसे कोई लुटेरा लूटना ले इसके लिए जरूरी है कि हम आपने और एकता बनाकर रखें एक होकर रहें जब देश पर खतरा उत्पन्न हो तो देश के नीति निर्देशक सिद्धांत के तहत देश की रक्षा करना हम सभी भारतीयों की कर्तव्य हो जाती है हर हाल में हम अपनी भारतीय आजादी को दुबारा गुलाम बना नहीं सकते इसी प्रकार से हम आजादी को बोला भी नहीं सकते हम भारत माता के वीर सपूत भारत की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।हम भारतीय गणतंत्र को भुला सकते नही हर दिलों में जलती है आजादी की लहू।
जय हिंद
Bhut badhiya
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
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