अनाल स्कूल की स्थापना:-
अनाल स्कूल की स्थापना मार्क ब्लॉक और लूसिया फेवब्र ने किया था यह दोनों ने इतिहास को एक नए तरीके से प्रस्तुत किया। इतिहास पढ़ा और पढ़वाने के लिए मजबूत कार्य करने की भूमिका निभाया। दोनों काफी संवेदनशील थे जनवरी 1929 में एक नई पत्रिका के साथ इतिहास लेखन की परंपरा शुरुआत किया इस पत्रिका का नाम "अनाल दिस्तुआर इकनोमिक सोसिआल" का प्रकाशन किया इसका विषय मध्यकालीन और प्रारंभिक इतिहास पर केंद्रित था।
पत्रिका के प्रवेशांक में उल्लेख:-
इतिहास को प्रभावी ढंग से लिखा गया कई व्यक्तियों की विशेषताओं को लिखा गया इस पत्रिका में समाज के लोगों, सभी व्यक्तियों को ध्यान रखा गया चाहे वह व्यक्ति खेत में काम करता हो, पड़ोसी की हो उसकी संस्कृति बौद्धिक अंतः क्रिया बीजारोपण आर्थिक इतिहास का भविष्य आने वाले कल में समग्र इतिहास को विशेष रूप से जगा दिया।
समग्र इतिहास:-
एक प्रकार से "सच्चा इतिहास" पर आधारित था इसके अंदर अतीत का कोई भी हिस्सा और कोई भी पहलू इसके क्षेत्र से बाहर नहीं रखा गया था यानी एक प्रकार से इतिहास को सच्ची घटना पर आधारित ही बातें को लिखा गया यह कार्य अनाल स्कूल के इतिहासकारों द्वारा और उनके सहयोगी टीम के माध्यम से विश्व को एक नए इतिहास पढ़ने को दिया।
मार्ग ब्लॉक:-
इन्होंने अपने इतिहास की लेखन दो खंडों में प्रकाशित किया जिसमें "डिफ्यूडिल सोसाइटी" 1936 में प्रकाशित हुई इसमें सामंतवाद का अध्ययन किया गया इन्होंने एक विशाल ढांचा सामंतवाद पर प्रकाशित किया इन्होंने फ्रांस के ग्रामीण क्षेत्र में काफी समय तक बिताया और गांव की दशा तथा विरान बड़े खेतों तथा सांस्कृतिक मूल्यों के अवसर पर आकलन किया।
लूसिया फेबव :-
पुस्तक "द प्रॉब्लम ऑफ अनविलीजलीफ इन द सिक्साटिंथ" सेंचुरी द रिटर्न ऑफ रिबेल 1942 में प्रकाशित हुआ इसमें ईसाई धर्म की कटु आलोचना किया गया। धर्म का अध्ययन के लिए मुख्य बिंदु था अनेक समस्याओं की चर्चा ग्रंथ में किया गया आगे चलकर अनार क इतिहासकारों की मानसिकता
पर पड़ा। इस पुस्तक में अर्थशास्त्र सामाजिक विज्ञान मानव विज्ञान तथा भूगोल पर केंद्रित था 960 में अनार के पुनर प्रकाशन इस ग्रंथ को किया ताकि युवा इतिहासकारों को इसका लाभ मिल सके 50 वर्षों की लंबी यात्रा के इतिहास तथा समाज विज्ञान के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए यह किताब काफी योगदान रहा।
अर्नेस्ट लेब्रास की आर्थिक इतिहास:-
इनका आर्थिक इतिहास से संबंधित ग्रंथ 1944 में प्रकाशित हुआ इसमें आर्थिक इतिहास के बारे में बताया गया औद्योगिक क्रांति अर्थव्यवस्था के विपरीत आर्थिक संकट दिया गया कृषि का कम उत्पादकता और समाज पर पड़ा। इन्होंने भूमध्यसागरीय क्षेत्र के आसपास पारिस्थितिकी तथा व्यापार पर पड़ने वाले दूरगामी प्रभाव का अध्ययन किया। कृति "सिविलाइजेशन एंड कैपिटल" जलवायु इतिहास को स्थापित किया जो 1960 के दशक में प्रकाशित हुआ जो प्रारंभिक इतिहासकारों में से जिन्होंने यूरोपीन इतिहास लेखन में एक नयी विषय की शुरुआत किया।।
इतिहास लेखन की नई प्रवृतियां:-
इसके अंतर्गत निम्नलिखित प्रकार के इतिहास शामिल है जिसमें मानसिकताओं का इतिहास इसके अंतर्गत मार्क ब्लॉक और अन्य इतिहासकारों ने चर्चा किया है जिसमें राज परिवारों में राजाओं की चमत्कारी शक्तियों का वर्णन है। मध्य काल में लोग में लोगों की मदद से किस प्रकार से बदली इसका उल्लेख किया गया है। अनार शादीयों ने इतिहास लेखन की परंपरा में ब्लॉक एक महान व्यक्तित्व थे जो परंपरा की सीमाओं के मनवृत्तियों के इतिहास के क्षेत्र तक विस्तार किया और अन्य क्षेत्रों पर पहुंचकर इतिहास लिखने का कार्य किया समाज के हाशिए पर लोग में परिवार और महिलाएं गिरजाघर और मध्यकालीन कल्पनाओं खासतौर पर मध्यकालीन समाज को संचालित करने वाले मूल्यों के अध्ययन पर ध्यान दिया है। फिलीप एरीज खुद को एक नौसिखिया इतिहासकार कहता है यह बच्चों की विषय को माना है इसकी पुस्तक 1962 में सेंचुरी ऑफ चाइल्डहुड में बचपन पर केंद्रित है जो समाज के हाशिए के इतिहास में सामाजिक मुद्दों को प्रस्तुत किया है जो गरीब और संसाधन हीन इनके अलावा गांव, झोपड़ी, जंगलों ,पहाड़ों में रहने वाले लोग शामिल है। मजबूरी में भीखमांगे, पागल, साधु ,चोर और डकैत दार्शनिक जैसे लोक सामाजिक हाशिए पर अधिक लोगों को जोड़ दिया है इसके अलावा कैदी या सामाजिक रूप से बहिष्कार हास्य पर लोगों को डाल दिया जाता है।
तुलनात्मक इतिहास अनालवादियों की ढांचा तुलनात्मक:-
इतिहास के ढांचा अस्तर भी था मार्ग ब्लॉक बी अध्ययन में छुपी असमानताअओ पर टिकी थी जो विशेषताओं को उजागर करती है ।सामंतवाद अथवा पूंजीवाद जैसी परिघटना के अध्ययन तुलनात्मक का का पता चलता है अनालवादियों की इतिहास लेखन में सातवें दशक में काफी योगदान रहा किसी तरह उतार-चढ़ाव नहीं आया। लेखन में प्रत्यक्षवादी और मार्क्सवाद की विरासत का विरोधी था तो एक विरोधाभास हुई प्रत्यक्षवाद सत्य को उजागर किया जिसमें वैज्ञानिक मानसिकता और समावेश शामिल था। वास्तविक इतिहास विज्ञान व्याख्यान थी। मार्क्सवादी की वर्ग संघर्ष थी एक प्रकार से कई ढांचा नहीं था। सभी घटनाएं और आंदोलन अंतिम तौर पर था जो आर्थिक आधार या राजनीतिक या मनोवैज्ञानिक अथवा अन्य वस्तुओं पर नहीं ले जा सकता है।।
अनालवादियों इतिहास लेखन का उद्देश्य:-
अनालवादियों को इतिहास लेखन का उद्देश्य विदद्धेषभाव था फिर भी ऐतिहासिक व्याख्या आश्चर्यजनक ढंग से प्रस्तुत किया। खोज की प्रारंभ में सामाजिक आर्थिक इतिहास के क्षेत्र में से मध्यकाल की सदियों में महिलाओं परिवार के अध्ययन और मुखातिब हुए आगे चलकर अर्थव्यवस्थाओं में उत्पादन, प्रक्रिया वितरण आदि पर अपनी पकड़ बना ली। इतिहासकार अभिलेखागार को साथियों को और खासतौर से ब्लॉक की तरह कल्पना तथा नृतत्वशास्त्र संबंधी अंतर्दृष्टि पर निर्भर होने की जरूरत है। फिलिप दो ने इस अलौकिक से सीमाओ को दिखाने का प्रयास किया है जो लोगों को आकांक्षाओं को बांध दिया।
इतिहास लेखन में अनालवादों के इतिहास लेखन के शिल्प के रास्ते खोले जिनके जीवन में तनाव संघर्ष सुविधाएं और निर्णय उथल-पुथल और प्रतिस्पर्धा जो भी भरी हुई भावनाएं रही। विचार ,अनुभव और मनोवृति आजीवन की सूचनाओं का अध्ययन मानव संविदा में रखा। बीसवीं सदी में स्थापित अनाल स्कूल इतिहास लेखन में एक बड़ी भूमिका निभाई इतिहास लेखन में कई इतिहासकारों को जन्म हुआ जिसमें मार्ग ब्लॉक लूसिया प्रमुख रहा जो अलग-अलग स्कूल लगातार निरंतर कार्य किया नई।नई खोजों को पारित किया समय-समय पर इतिहास लेखन की व्यवहार को परिभाषित किया। इतिहासकारों ने आर्थिक और संस्कृति इतिहास जैसे तमाम क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया गया ब्लॉक की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है और इतिहास को एक बेहतर संगठित और वैज्ञानिकों तरीके से प्रस्तुत किया।
जय हिंद
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