भारतीय बजट 2022-2023 आशा की उम्मीद


बजट सरल शब्दों में कहें तो "सरकार का एक वित्तीय वर्ष"के अंदर "कुल आय- व्यय का ब्यौरा" ही बजट है।

भारतीय संसद में अनुच्छेद -112 के तहत "बजट पेश" किया जाता है। संविधान में "बजट शब्द" कोई उल्लेख नहीं है इसके जगह पर "वित्तीय वर्ष"का उल्लेख है यानि पहला अप्रैल से 31 मार्च तक कुल "वित्तीय लेनदेन" या सरकार का 1 साल के अंदर आय- व्यय का ब्यौरा ही बजट या वित्तीय वर्ष कहलाता है।

भारतीय बजट कब प्रस्तुत करना:-

बजट भारतीय संसद पटल पर बजट वित्त मंत्रालय के वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत किया जाता है जो प्रत्येक वर्ष भारत में फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में प्रस्तुत किया जाता है। 2022-23 का बजट का प्रस्तुतीकरण निर्मला सीतारमण द्वारा किया जाएगा। देश का वित्त मंत्री लोकसभा अध्यक्ष के सामने पिछले साल का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करता है और सरकार अपने सभी कार्यों का विवरण प्रस्तुत भी करता है इसके बाद वाह आगामी वर्षो की योजना और वित्त विधेयक को प्रस्तुत करता है ताकि देश को चलाने के लिए भारतीय संचित निधि से धन निकालने के लिए बजट प्रस्तुत का कार्य किया जाता है।

बजट की चुनौतियां क्या रहेगी:-

2023-2023 कि बजट चुनौतियों से भरी है भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए और 2024- 25 तक 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए बड़ी-बड़ी कदम उठाने की आवश्यकता है ।सबसे बड़ी खर्च भारत सरकार ऊर्जा के क्षेत्र में करने की योजना है ताकि भारत 2070 तक जीवाश्म ईंधन से मुक्त और जीरो कार्बन उत्सर्जन देश की श्रेणी में शामिल हो जाए 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था 3 ट्रिलियन से भी कम है।

शहरी क्षेत्र में करनी होगी आधारभूत संरचना:-

शहरी क्षेत्रों में "आधारभूत संरचना" की जाल बिछाना होगा ताकि "शहरी भारत"में आधुनिक सुविधाओं के साथ "ऊर्जा एवं स्वच्छ पर्यावरण" मिल सके । शहरों में भीड़ भाड़ और उत्तम प्रबंधन व्यवस्था के साथ प्रशासनिक व्यवस्था ,यातायात, जाम ना लगना जैसे विषयों पर सरकार को उचित ढंग से प्रस्तुत करना होगा। वही शहरों में जलापूर्ति के साथ बिजली आपूर्ति आवश्यक है क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था में रोजगार को अधिक मात्रा में पैदा करने का केंद्र बिंदु शहर ही है। "ग्रामीण भारत" अधिकांश मात्रा में शहर की ओर पलायन कर जाते हैं ।

भारत ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था:-भारतीय अर्थव्यवस्था एक कृषि अर्थव्यवस्था है। भारत सरकार को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करनी होगी व्यवस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से "विपणन केंद्र"तक का यातायात का उत्तम प्रबंध हो। "प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना" बारहमासी  सुचारू रूप से काम करें। भारत सरकार की घोषणा 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए भारत सरकार को नेक इरादे से होकर ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों को मजबूत करनी होगी क्योंकि ग्रामीण भारत एक दिन बैठ जाएगा तो भारत का भविष्य धूमिल हो जाएगा। कृषि कार्यों के अलावा भारत सरकार को गैर-कृषि  मुर्गी पालन, सूकर पालन ,  मछली पालन, मधुमक्खी पालन करके ग्रामीण युवाओं को रोजगार युक्त किया जाए। 

राजकोषीय घाटा:-राजकोषीय घाटा के साथ महंगाई दर को भी सरकार को नियंत्रण करने चाहिए ताकि आम जनमानस सम्मानजनक तरीके से जिंदगी जी सकें। भारत सरकार राजकोषीय घाटा कम करने के लिए बेफिजूल की खर्चे, होल्डिंग, पोस्टर ,प्रचार अन्य चुनाव खर्चों को नियंत्रित करके भारत को सही मार्ग पर ले जाना होगा तभी एक मजबूत विशाल भारत होगा क्योंकि सरकार अधिक मात्रा में "प्रचार-प्रसार" करके धन खर्चा कर देती है और इसका भुगतान भारतीय करदाताओं को साथ अप्रत्यक्ष कर  उठाने वाले लोग करते हैं।

विदेशी निवेश को आकर्षित करना:- किसी भी देश के विकास करने के लिए विदेशी निवेश आवश्यक हो जाती है क्योंकि विदेशी मुद्रा का मूल्य अधिक होने से अधिक अर्थव्यवस्था में इसकी भागीदारी बन जाती हैविदेशी निवेश को अधिक आकर्षित करने के लिए भारत की स्पष्ट और पारदर्शी नीतियां लागू हो ताकि कोई भी निवेशक भारत में आसानी से निवेश कर सकें ।2021 के सात महीनों में भारत में 48 अरब डॉलर विदेशी निवेश आए हैं जो किसी भी देश से अधिक मात्रा में है । अधिक मात्रा में विदेशी निवेश होने से "अर्थव्यवस्था मजबूत" होती है और रोजगार भी उत्पन्न होती है ध्यान रहे कि एफडीआई भारत में लंबे समय के लिए आए पोर्टफोलियो न हो । 

आरबीआई द्वारा जारी किया गया डिजिटल करेंसी:-

2022-2023 कि बजट में RBI "क्रिप्टोकरंसी" जारी करने की घोषणा की है। क्रिप्टोकरंसी जारी होने से "भारतीय डिजीटल अर्थव्यवस्था" को बढ़ावा मिलेगा और इसमें अधिक मात्र में युवा पीढ़ी के साथ विश्व की अर्थव्यवस्था के साथ तुलना करके हम भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर पाएंगे। क्रिप्टो करेंसी एक डिजिटल करेंसी है जो भौतिक रूप से हमें प्राप्त नहीं होती है यह दृश्य के रूप में "डिजिटल स्क्रीन"पर मौजूद रहती है।  करेंसी लागू करने से भारतीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ने में मदद मिलेगी तो तभी  स्पर्धा भी तैयार होगा। भारतीय लोग भी डिजिटल  करेंसी  के रूप में अपने व्यापार को बढ़ावा देंगी जो आगे आने वाले समय में  नियंत्रित भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन आरबीआई द्वारा किया जाएगा।

जय हिंद

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KRISHNA KUMAR

Self employed,IAS preparation and State level services prepration.

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