विवादों के घेरे में "इजरायली स्पाइवेयर पेगासस सॉफ्टवेयर"

 

"तकनीक हमारे जीवन का अहम हिस्सा है लेकिन कुछ ऐसे तकनीके हमारे लिए जीना मुश्किल कर देते है"।




भारत सरकार 2017 में इजरायल की सॉफ्टवेयर कंपनी एनएसओ ग्रुप से इजरायल पेगासस सॉफ्टवेयर की खरीदारी किया लेकिन हालिया न्यू टाइम की रिपोर्ट में कहा गया है कि पेगासस सॉफ्टवेयर अमेरिका के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पत्रकारों भ्रष्टाचार रोधी कार्यों और ऐसे अन्य कार्यों में लगा हुआ है जिसके चलते भारत में यह मुद्दा काकी बहस का बन गया है भारत सरकार को विपक्ष की सरकार पर काफी सवाल लगा रहे हैं।।


भारत का संसद सत्र प्रारंभ है जिसे का मुद्दा काफी गरमा गरम है । विपक्ष की सरकार जोर तौर तरीके से सरकार के प्रति सवाल खड़ा कर रहे हैं। अमेरिकी New York time ने  कहा है कि भारत सरकार इजराइली पेगासस सॉफ्टवेयर को खरीदा है और इसका प्रयोग भी कर रहा है लेकिन भारत के प्रति पेगासस के प्रति सत्यापन करना और इनका उपयोग  किस प्रकार से कर रही है हमें इनका धैर्य करनी चाहिए। कुछ ऐसे विषय होते हैं जिसे गुप्त रखा जाता है जो भारत की सुरक्षा के लिए अहम होती है हम इनका साझा नहीं कर सकते हैं।


इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बैनेट ने कहा भारत और ईरान के बीच संबंध काफी मजबूत है और दोस्ताना से भरी है। हमारी 30 साल पुराने संबंधों पर एक लंबे सफर तय की है। इजरायल, भारत सरकार को सैन्य व आर्थिक सहयोग करता है। इजराइल की सरकार के पास आधुनिक हथियार है यह हथियार अमेरिका के पास भी है और लगभग किसी देशों को पास में नहीं है। भारत और इजरायल के लंबे वर्षों से सैन्य हथियार  सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराता है Israel की सरकार अपने बयान में कहा कि भारत और इजरायल के बीच में गहरी दोस्ती है भारत  आजादी का 75 वां  वर्षगांठ बना रहे हैं जबकि इजराइल 50 वी वर्षगांठ मना रहा है किसी भी प्रकार आरोप का खंडन किया है।


इजरायली पेगासस सॉफ्टवेयर जैसे ही मोबाइल में इंस्टॉल किया जाता है वैसे ही मोबाइल के माइक्रोफोन ,कैमरा सेटिंग ,व्हाट्सएप ,फेसबुक ऑडियो, ईमेल ,लोकेशन टेक्स्ट मैसेज  सभी सॉफ्टवेयर "पेगासस सॉफ्टवेयर" के अंदर में आ जाता है और जिसके द्वारा भेजा गया लिंक के माध्यम से नियंत्रित हो जाता है और भेजने वाला अपने तरीके से काम कर लेता है यानी कि एक प्रकार से हमारे ऊपर "निजिता समाप्त" कर अपने तरीके से वह हमारे आंकड़ा एकत्रित कर लेता है और आसानी से हमें कमजोर कर देता है और कई तरीके से हमारे बैंकों से ,एटीएम से तमाम वित्तीय लेनदेन को सैकड़ों में उड़ा लेता है।


NSO समूह की कंपनी ने "हालिया रिपोर्ट" जारी किया है और कहां है की एनएसओ केवल "सरकारी एजेंसियों"को पेगासस सॉफ्टवेयर बेचती है जिसका उद्देश्य "आतंकवाद और अपराध" के खिलाफ इस तकनीक का प्रयोग किया जाता है। एनएसओ किसी भी प्रकार से निजी संस्थानों, व्यक्तियों, संगठनों ,समूहो,अधिकारियों ,गैर सरकारी संगठनों के पास नहीं बेचती है। चेयरमैन Omri Larie की रिपोर्ट  बयान दिया गया है जिसे स्पष्ट हो जाता है कि एनएसओ किसी भी अनैतिक कार्य में संलग्न नहीं है।


धन्यवाद


KRISHNA KUMAR

Self employed,IAS preparation and State level services prepration.

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