विश्व टीवी दिवस 24 मार्च (World TB Day)

 "टीबी हारेगा दुनिया जीतेगा"





विश्व स्वस्थ संगठन ने 2030 तक दुनिया में टीवी को समाप्त करने का लक्ष्य घोषित किया गया है। टीवी "ट्यूबरोक्लोसिस नामक जीवाणु" के संक्रमण के माध्यम से फैलता है ।संक्रमण फैलने के माध्यम मे एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के बीच में भी फैल जाता है फैलने के कारणों के रूप में हवा के माध्यम से ,खासने से ,छिकने से या रोगी के साथ भोजन करने या उनके संपर्क में थूक के बूंदे आ जाने से भी टीवी बीमारी फैल जाती है। प्रत्येक साल 24 मार्च को विश्व टीवी दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसमें टीवी और रोगों का बचाव और इनकी समाधान के लिए साथी साथ जागरूकता फैलाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है 24 मार्च 2022 का टीवी दिवस का विषय -"invest to and TB save Lives" हैं। टीवी जीवाणु की खोज 24 मार्च 1882 में हो गई थी।

टीवी का समाधान:-

टीबी का उपचार के लिए आयुर्वेद की दवाएं भी कारगरगर होती है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण रूप में स्टेप्टोमाइसिन की खोज वैक्समैन नामक वैज्ञानिक द्वारा किया गया जो टीवी उपचार के लिए काफी कारगर साबित हुआ और इस बीमारी का नियंत्रण करने में सफल रहा इसके अलावा रोगी अपने जीवन की दिनचर्या में साफ सफाई भी अहम होती है और उपचार के रूप में सबसे महत्वपूर्ण पौष्टिक भोजन भी आवश्यकता पड़ जाती है यदि हम टीवी का सही उपचार सही समय पर करें तो टीवी पर काबू पाना बेहद सरल हो जाती है। टीवी का बचाव के लिए टीबी रोगी खांसते समय ,छिकते समय रुमाल रखकर या हाथ रखकर छिके ताकि वह दूसरे लोगों तक जीवाणु फैलने से रोक सकता है ।समय से पहले इस पर उपचार नहीं किया गया तो  टीवी अधिक रूप में फैल जाती है और एक प्रकार से जानलेवा हो जाती है। 2020 आंकड़ा के अनुसार टीवी बीमारी से मरने वाले की कुल संख्या पूरे दुनिया में 15 लाख है।जबकि टीवी की बीमारी सबसे अधिक प्रभावित  भारत देश है ।भारत सरकार 2025 तक टीवी उन्मूलन कार्यक्रम रखा है।"TB हारेगा ,भारत जीतेगा" भारत सरकार की है प्राथमिक एजेंडा में से एक है।



भारत देश में टीवी  से लड़ने का कारगर उपाय:

पहली बार भारत सरकार 1962 में राष्ट्रीय टीवी कार्यक्रम की शुरुआत की 1992 में विफल रहा। पुनः भारत सरकार 1993 में राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया और उन्हें 1977 तक पूरी तरह से प्रभावी रहा लेकिन अभी भी हमारे देश में एक गंभीर समस्या है। भारत देश में टीवी का जीवाणु कई सालों से उपस्थित है इसके अलावा हमारे समाज और मानवीय कारण ही उत्तरदायित्व जिसमें कुपोषण, एचआईवी (एड्स) मधुमेह कम उम्र में गर्भधारण करना या बार बार गर्भधारण करना ,पर्दा प्रथा भी ,धूम्रपान, नशा, साफ, सफाई में कमी, स्वच्छता सेवा में कमी के चलते टीवी रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। विश्वा संगठन द्वारा निर्धारित प्रणाली यानी कि मरीज की उचित देखरेख में दवा खिलाई जाती है यह भी एक प्रकार से भारत में लापरवाह रहा जिसके चलते आज दुनिया का सबसे बड़ा टीवी प्रभावित वाला देश माना गया है। विश्व स्वास्थ संगठन द्वारा 2030 तक पूरे दुनिया में टीवी उन्मूलन कार्यक्रम रखा है जबकि भारत सरकार 2030 से पहले 2025 तक ही भारत टीवी मुक्त होगा यह भारत सरकार के प्रयास में है लिखना कि भारत सरकार अपने इस वादे पर कितनी खरी उतरती है ये हमें 2025 तक हमें इंतजार करनी होगी।




इसके अलावा भारत में टीवी को लेकर कई बड़े कार्यक्रम चलाया जा रहे हैं जिसमें से टीवी रोगियों की निशुल्क जांच, उपचार तथा उपचार के समय या इनसे संबंधित पोषण भत्ता के रूप में ₹500 प्रति माह की दर से पेंशन के रूप में प्रदान की जा रही है ताकि रोगी सही रूप से बीमारी को लड़ सके। सरकारी प्रयासों के बावजूद हमारे देश में निजी प्रयास भी बेहद आवश्यक है जिसमें निजी अस्पताल भी "टीवी राष्ट्रीय कार्यक्रम उन्मूलन कार्यकरम" का हिस्सा भी बनाया गया है ताकि बड़ी मात्रा में टीवी रोग को ठीक किया जाए इसके अलावा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की एक बड़ी प्रेरणा विचार है वे एक मुहिम चलाकर निशुल्क रूप में शिक्षण, चिकित्सा प्रदान करने का आह्वान किया है ताकि वह अपने आप में एक गरिमा और अच्छे भावनात्मक रूप से जिंदगी जी सके यह इस अभियान में सभी बच्चों को गोद लेकर टीवी रोगों की समाप्ति का काम किया जाएगा।


टीवी रोगों की उन्मूलन में निजी भागीदारी बेहद आवश्यक है क्योंकि इनके बिना हम किसी लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकतेचाहे 2025 का टीवी उन्मूलन कार्यक्रम क्यों ना हो। हमें रोगियों को सही समय पर उपचार नियमित जांच और दवाएं देने होंगे इसके साथ "पोस्टिक आहार" भी उसे उत्तम तरीके से देना होगा इसके अलावा सामाजिक रूप से विषाणु के माध्यम से फैलने वाली बीमारी को रोकना होगा इसके अलावा पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम है के खिलाफ हमें एक सफल में काम करना होगा तभी समाप्त होगी। जागरूकता कार्यक्रम बृहत पैमाने पर चलाया जाना होगा ताकि लोग इस बीमारी के बारे में जाने और फेलने वाले संभावित लक्ष्यों से दूर रहें तभी हम भारत को एक टीवी मुक्त देश कर सकते हैं।

 जय हिंद


KRISHNA KUMAR

Self employed,IAS preparation and State level services prepration.

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