भारतीय सैनिकों में सीमा सुरक्षा की वीरता की जबाव नहीं और अग्निवीर की भर्ती बड़ी कदम

"सेना से ही एक देश चैन से सोती है।"


भारतीय सेना प्रणाली दुनिया को लोहा मनवाया है। भारत की आजादी कराने की बात हो या दुनिया में किसी भी देश में शांति सेना भेजने का काम हो या किसी भी ऑपरेशन को अंजाम देना हो तो भारतीय सेना सबसे आगे रहती हैभारत विश्व के उन देशों में शामिल है, जहां पर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी सेना पाई जाती है। भारत की सीमाओं अंतराष्ट्रीय सीमाओं मे अलग-अलग देशों के साथ  लगती है तथा इनकी सुरक्षा व्यवस्था कायम करने के लिए सेनाओं की सहयोग ली की जाती है जिसमें से भारत-पाकिस्तान की सीमा पर "भारतीय सीमा सुरक्षा बल की तैनाती की जाती है। भारतीय सीमा सुरक्षा बल की स्थापना सन 1965 ईस्वी में की गई थी जब भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 का युद्ध हुआ था तो भारत में एक नए प्रकार के सेना बनाने की महसूस किया गया जिसमें भारतीय सीमा सुरक्षा बल को बनाया गया और इनकी वीरता  देश में लोहा बनवाया और दुश्मन देश भी इनसे पीछे रह गया। सेना की सुरक्षा से एक देश सुरक्षित रहती है और उनके देश के नागरिक अपनी सेना पर गर्व करके अपना खुशहाल जीवन व्यक्त करती है।

भारत-पाकिस्तान की सीमा की सुरक्षा की जिम्मेवारी "भारतीय सीमा सुरक्षा बल" की है :-

भारतीय सीमा में पाकिस्तान के साथ लगने वाले गुजरात ,राजस्थान, पंजाब, जम्मू कश्मीर और लद्दाख जैसे राज्य है इन्हीं राज्यों की सुरक्षा और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भारतीय सीमा सुरक्षा बल की तैनाती की जाती है जो 24 घंटा सीमा की सुरक्षा करती है ताकि कोई भी बाहरी दुश्मन भारत की धरती को  गलत तरीके से ना देख सके और हमारा देश सुरक्षित है रहे। 1965 युद्ध के बाद भारत सरकार भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा के लिए भारत की ओर से "भारतीय सीमा सुरक्षा बल" की स्थापना कर दी गई जो वर्तमान समय तक सीमा की सुरक्षा करती है इसके अलावा भारतीय सीमा सुरक्षा बल "भारत और बांग्लादेश" की सीमा भी सुरक्षा करती है।

भारतीय सेनाओं की नियुक्ति:-

भारत में भारतीय सीमा सुरक्षा बल की नियुक्ति के लिए अलग अलग राज्य में विशेष प्रकार की "प्रत्यक्ष बहाली और अग्निवीर" के माध्यम से शामिल की जाती है। भर्ती के लिए प्रत्यक्ष बहाली के साथ-साथ रिटन एग्जामिनेशन के साथ मेडिकल जांच और अंतिम मेरिट लिस्ट के आधार पर सेनाओं की भर्ती कराई जाती है सबसे महत्व फिजिकल महत्वपूर्ण हो जाती है किसी बंदे की फिजिकल सबसे अच्छी है तो उसे बिना तकलीफ किए हुए उसे सेना में शामिल कर लिया जाता है। सीमा सुरक्षा बल में जाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण "शारीरिक क्षमता" के रूप में मजबूत होनी पड़ती है और चिकित्सा रूप से ठीक होनी चाहिए यदि कोई भारतीय "भारतीय सीमा सुरक्षा बल" में जाना चाहते हैं और देश की सेवा करना चाहते हैं तो उसे शारीरिक और मानसिक रूप से ठीक होनी चाहिए ताकि और दुश्मनों से लड़ सके और नागरिकों को सुरक्षा दे सके। भारतीय सेनाओं में अब देश की लड़कियों को भी शामिल करने की प्रणाली भारत सरकार की एक अच्छी कदम है क्योंकि समानता का अधिकार भारत के प्रत्येक व्यक्तियों को दिया गया है चाहे वह पुरुषों महिला हो इस प्रकार से हम देखें तो भारतीय सेना में अब महिलाओं की भागीदारी एक बेहद होगी जो आजादी के समय में सुभाष चंद्र बोस की रानी रेजिमेंट में देखी गई अब भारत सरकार में ही बड़े-बड़े रेजिमेंट महिलाओं के हाथों में रहेगी । इन महिलाओं की नियुक्ति अग्निवीरों के माध्यम से कराई जाएगी बेहद खुशी की बात यह है कि भारत सरकार ने लड़कियों की सेना में भागीदारी बढ़ाने के लिए अग्निवीर के माध्यम से उसे भी भर्ती करवाएगी और 4 साल तक उसे भी सेवा यानी कि देश सेवा करने का मौका दिया जाएगा और इस प्रकार से वापी 4 साल के बाद उसे छुट्टी की ओर चले जाना होगा और उसमें से जो टैलेंट है 25% तक को आगे की सेवा के लिए बढ़ा दिया जाएगा। देश में बड़े-बड़े पोस्टों पर अब लड़कियों की भागीदारी एक बड़ी भागीदारी है जिसमें आप समझ सकते हैं। सदियों से महिलाओं को समाज में आगे बढ़ने नहीं दिया गया है उन्हें अब देश सेवा की भागीदारी में लगाने का काम कर रही है एक बेहतरीन और बेहतर अवसर है इसे हर कोई इस में जोड़ें वैसे लड़कियां जो देश सेवा की भावना से ओत -प्रोत हैं।

भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष सेनाओं की भर्ती आयोजित करती है :-

भारत के नौजवान लड़कों और लड़कियां शामिल होती है ।यह केंद्रीय सरकार का उपक्रम है जिसमें केंद्रीय सरकार भारतीय सीमा सुरक्षा बल को हर तरह की सुख सुविधा और सुरक्षा प्रदान करती है।  हर कदम ताल पर भारतीय सेना अपने देश की रक्षा के लिए न्छायोवर रहती है अपनी जान की परवाह ना करते हुए और सीमा की सुरक्षा करती है किसी भी गैर कार्य को खत्म कर देती है। भारतीय सेना प्राचीन काल की बात हो मध्यकालीन की बात व आधुनिक भारत की बातों हमारी सेना दुनिया को लोहा बनवाया है। सेना से संबंधित भारत सरकार ने भारतीय सेना में आधुनिकीकरण करने के लिए अग्निवीरों की भर्ती अब थल सेना, जल सेना ,वायु सेना तीनों सेनाओं की भर्ती अब एक माध्यम से होगी अग्निवीर के माध्यम से। भारत सरकार 4 साल में ट्रेनिंग करवाएगी और उसे छुट्टी भी कर देगी या नहीं सेना में मात्र 4 साल की सेवा के बाद वह अपने देश की सेवा में काम करेगा ताकि दुनिया में युवा शक्ति भारत को अच्छी तरीके से हम प्रयोग कर पाए और हर भारतीयों को सैन्य क्षमता से जोड़ सकें। और देश को एक मजबूत सुव्यवस्थित सैनी प्रणाली देश के साथ आंतरिक और बाहरी सुरक्षा बनाने में कायम रहे। सैनिक मजबूत प्रणाली से ही एक मजबूत देश कायम रह सकता है।

सैनिक क्षमता कम हो जाएगी तो उस देश की पतंग हो जाएगी हो जाएगी इसलिए हर हालत में हमें सेनाओं पर मजबूती करने की आवश्यकता है ताकि देश को एक धागे में बांधे रखे।

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जय हिंद

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KRISHNA KUMAR

Self employed,IAS preparation and State level services prepration.

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