दूध उत्पादन में भारत विश्व का पहला स्थान, भारतीय राज्यों में दूध उत्पादन की बड़ी संभावना

हड्डी की मजबूती दूध में निहित है इसका सेवन दैनिक रूप में करें


आज भारत दुनिया में सबसे अधिक मात्रा में दूध उत्पादन करता है । भारत कुल विश्व में दूध उत्पादन में 2021 के अनुसार 19. 9 करोड़ दूध उत्पादन करता है जबकि वहीं अमेरिका दूसरे स्थान पर 9.9 करोड़ उत्पादन करता है और तीसरे पायदान पर चीन और चौथे स्थान पर पाकिस्तान दूध उत्पादन करता है। दूध कैल्शियम का एक अच्छी स्रोत मानी जाती है इसके अलावा इसमें प्रोटीन भी अच्छी मात्रा उपस्थित होती है दूध शारीरिक क्षमता विकास करने मे भूमिका होती है और इसके माध्यम से हमारे हड्डी काफी मजबूत रहती है

भारत में अधिक दूध उत्पादन की वजह:-
भारत में सबसे अधिक दूध उत्पादन का वजह है श्वेत क्रांति श्वेत क्रांति का जनक वर्गीज कुरियन को कहा जाता है वर्गीज कुरियन नहीं होता तो शायद भारत में इतनी बड़ी मात्रा में दूध का उत्पादन का विचार नहीं आ पाता और भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादन देश के रूप में नहीं खड़ा हो पाता इनकी योगदान भारत देश के लिए काफी महत्व रखता है। वर्गीज कुरियन ने दूध और दूध उत्पाद निर्माता ब्रांड अमूल के संस्थापक भी रहे यह कंपनी पूरे भारत में एक बड़ी सहकार रूप में कार्य करती है जिसमें भारत सरकार को बड़ी मात्रा में रोज की प्राप्ति होती है इसके साथ ही भारत के अन्य लोग भी दूध बेचने में रोजगार प्राप्त किए हुए हैं अप्रत्यक्ष रूप से इस प्रकार स तो इनकी शुरुआत भारत के काफी लोगों को एक रोजगार दिया साथ ही भारतीय किसानों को आमदनी बढ़ाने में योगदान बड़ी मानी जाती  उन्होंने ऑपरेशन फ्लड की शुरुआत की जिसके चलते भारत में दूध की नदियां बहने लगी और भारत पूरे विश्व के पहले स्थान पर स्थापित हो गया 

   भारत में पशुधन की नस्ल:-

आज भारत में पशुधन की अच्छी संख्या है भारत प्राचीन काल से पशुपालन के मामले में अग्रणी देश रहा है भारत में आज लगभग 8 करोड से अधिक लोगों को आजीविका का माध्यम पशुधन है। पशुओं को मुख्य रूप से गाय, बकरी को पाला जाता है इसके अलावा अन्य पशुओं को पाला जाता है किसान लोग पशुधन के माध्यम से अच्छी खासी अपने आमदनी कर लेते हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत कर लेते हैं साथ ही अपने बच्चों को पढ़ाई लिखाई का भी खर्च अच्छी प्रकाशन निकाल लेते हैं पशुधन ही उसका मुख्य रूप से आर्थिक स्रोत का माध्यम हो पाता है वह अनिश्चित समय काल में एक अच्छी रकम जुटा पाता है।

सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाएं पशुधन बढ़ाने के लिए:-

भारत दूध उत्पादन करने के लिए विभिन्न प्रकार के सरकारी योजनाओं को संचालित करती है जिसमें प्रमुख रुप से गोकुलधाम योजना। गोकुलधाम योजना के माध्यम से सभी ग्रामीण गाय की नस्ल को एक अच्छी नस्ल में परिवर्तन करना है ।भारत में अच्छी नस्ल में से साहिवाल ,मुर्रा एक अच्छे दूध देने वाले पशु है इसके अलावा अन्य विदेशी नस्लों को भारत में लाया गया है जैसे फ्रीजियन जर्सी गाय अच्छी मात्रा में दूध उत्पादन करती है। आज भारतीय किसान सरकारी योजनाओं के माध्यम से आपने पशुधन की संख्या बढ़ा रहे हैं सरकार भी भारतीय किसानों को 90% की सब्सिडी के आधार पर पशुधन का वितरण कर रहा है। भारत के अनेक राज्यों में इनकी अच्छी संभावना है उत्तर भारत में कृषि का प्रधान क्षेत्र होने के चलते यहां पर चारा की कमी नहीं रह पाती है और यह क्षेत्र काफी बड़ी मात्र में पशुधन की संख्या भी उपलब्ध होती है जिसमें भारतीय किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की एक वजह मानी जा सकती है। 

ग्रामीण व शहरी लोगों में आजीविका का स्रोत:-

दूध उत्पादन करने से आज है ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी क्षेत्रों में कई लोगों को आजीविका का माध्यम से जोड़ दिया है ।दूध से पनीर ,खोए, मिठाईयां तरह-तरह के बनाए जाते हैं । शहरों में नगदी के रूप में ग्रामीण क्षेत्र के लोग अच्छी कमाई भी कर लेते हैं क्योंकि भारत देश में दूध पीने वालों की संख्या बहुत अधिक है ।भारत  सरकार और राज्य सरकार मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में आपने दूध धोने वाली वाहन से दूध एकत्रित करके उसको  पैकेजिंग करके बाजार में उपलब्ध कराती है दूध के सेवन अच्छे तरीके से करें क्योंकि इसमें थावे की मात्रा अधिक होती है यदि हम गलत तरीके से लेंगे तो हमें कब्ज की समस्या भी उत्पन्न हो जाएगी इसे अक्सर सोने से पहले लिया जाता है खासकर देसी दूध में प्रोटीन की मात्रा अधिक पाई जाती है जबकि वहीं विदेशी नस्लों की गायों में वसा की मात्रा ज्यादा देखी जाती है लेकिन दूध दूध है उस में कैल्शियम की मात्रा उपस्थित होती है दूध लेने से आपकी शरीर की हड्डी काफी मजबूत होती है।

 धन्यवाद

KRISHNA KUMAR

Self employed,IAS preparation and State level services prepration.

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